Wednesday, 14 February 2018

EXAM TIME (PARIKSHA KA SAMAY).

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एग्जाम टाइम , ये सब्द सुनके ही अलग कैफियत पैदा होती  है ,खासकर उन लोगो के चेहरे पर जिनका एग्जाम होने वाला है, क्यूंकि ये समय  ऐसा होता ही  है चाहे बच्चे ने कितनी  ही अच्छी पढाई कर रखी हो.. आज  भी याद है मुझे मेरे एग्जाम का समय जैसे जैसे करीब होता था वैसे ही दिमाग में एक अलग ही सोच होती थी।  मन में अलग अलग तरह के सवाल उठते थे ,एग्जाम कैसे होगा , क्या  तय्यरी पूरी हुवी है,  क्या मै  कुछ और तैयार कर सकता हूँ , क्या तय्यरी के लिए पर्याप्त समय दिया है। इन सब सवालो के बाद  बच्चा पेपर देने जाता है और अगर पेपर बढ़िया हो गया तो एक अलग ही सुकून मिलता है  और इन सारे सवालो से  बेफिक्र हो जाता है , लेकिन एक दिन और भी होता जिस दिन  बच्चे को कुछ ज्यादा ही उलझन होती क्यूंकि वो दिन रिजल्ट का दिन होता है।  उस दिन  बच्चे के साल भर के मेहनत  परिणाम मिलता है। बच्चा कितना भी अच्छा पेपर करके आया हो लेकिन  उस दिन वह नर्वस जरूर होता है। www.xtylishproduction.cu.ma 

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