Saturday, 11 May 2019

एक नज़र आज की शादियों पर।

शादी की बात करें तो इंसान के जीवन का वह अहम हिस्सा है जिसके होने से इंसान की जिंदगी में परिवर्तन होना अनिवार्य सा हो जाता है। अनेकों बदलाव उसके दीनचर्या में देखने को मिलती है, जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। शादी का हमारी जिंदगी में इतना महत्व होने के बावजूद आज जो शादी करने का माहौल और तरीका देखने को मिल रहा है वो अत्यंत सोचनीय है या कहें दयनीय है। आज के दौर में शादियों को इतना महंगा बना दिया गया जिस के बारे में सोचकर एक गरीब तो गरीब हैं , अच्छे अच्छों की आहें निकल जाती है। जैसे की अधिक कीमत मंगना या दहेज में अधिकतर सामान मंगना।और बढ़ती मंहगाई से शादियां करने पर सोचना पड़ रहा है। आज के दौर में हमारे समाज में दहेज की ऐसी भयावह बीमारी फैल गई जिसकी वजह से न जाने कितनी बहन-बेटीयों की शादियां नहीं हो पा रही है, इसी दहेज के लिए न जाने कितनी बहन-बेटीयों को शादी के बाद भी प्रताड़ित (परेशान) किया जा रहा है। वाह रे! हमारे समाज के लोगों क्या भविष्य दे रहे हो आप अपनी आने वाली पीढ़ी को। किस भयावह समाज का निर्माण कर रहे हो। एक एक बारात में ३००-४०० लोगों का जाना और गलती से बेचारे घर वालों से कुछ गलती हो जाये तो सरेआम उनके इज्जत की पगड़ी उछालना। अरे जो खुद कमा कर अपनी जिंदगी न गुजार सका वो किसी कुछ लेकर कहा ंं अपनी जिंदगी व्यतीत कर पायेगा। शर्म करो ऐ दहेज के लालचियों तुम्हारे घर में भी बेटियां होगी।